जीवन में जब जब दुःख आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जीवन में जब जब दुःख आये जब जब जी गबराता है,

मेरा साथी बन के कन्हियाँ मेरे दुःख हरने आता है,

जब जब दुनिया ने ठुकराया दुःख के बादल मंडराये,

अपने भक्त की लाज बचाने मनमोहन चल के आये,

जब जब भव में ढोले नइयाँ वो पतवार चलाता है,

मेरा साथी बन के कन्हियाँ मेरे दुःख हरने आता है,

मतलब के है रिश्ते सारे झूठे सारे नाते है,

मतलब साबित जब तक न हो तब तक साथ निभाते है,

जग के ठुकारे के लोगो को पलको पे ये बिठा ता है,

मेरा साथी बन के कन्हियाँ मेरे दुःख हरने आता है,

नरसी भक्त का भात भरा सुदामा का उधार किया,

बीच सबा में लाज बचाई द्रोपती का मान रखा,

अंधियारे जीवन में कान्हा सुख के दीप जलाता है,

मेरा साथी बन के कन्हियाँ मेरे दुःख हरने आता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।