मेरा बाबा श्याम सारे जग से निराला है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा बाबा श्याम सारे जग से निराला है

खाटू वाला श्याम

मेरा बाबा श्याम सारे जग से निराला है

ये लागे सबसे न्यारा है

मेरा बाब श्याम...............

लटें है घुंघराली आँखें हैं कजरारी केरी का बाघा है

होंठों पे है लाली सूरत है मतवाली गले में माला है

इत्र की खुशबु से सारे भक्तों को महकता है

ये जग से निराला है

मेरा बाबा श्याम ...............

तीन बाणधारी लीले की असवारी वचन का पक्का है

ये कृष्णा अवतारी कलयुग का भवतारी हारे का साथी है

भजनो की सरिता में अपने भक्तों को नहलाता है

ये जग से निराला है

मेरा बाबा श्याम ...............

बिना कहे ही ये फरियाद सुनता है ये ऐसा दाता है

भक्तों के कष्टों को ये भांप लेता है ये ऐसा स्वामी है

हम सबके जीवन पथ पर से काँटों को हटाता है

ये जग से निराला है

मेरा बाबा श्याम ...............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।