सांवरा है तो मुमकिन हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरा है तो मुमकिन हैं

हर रात दिवाली है मेरी होली हर एक दिन है

हो सांवरे तू है तो मुमकिन है

जब जब तेरी चौखट कोई सर आकर झुक जाए

उस प्रेमी की खातिर वक़्त का पहिया रुक जाए

मरते हुए प्रेमी को भी मिल जाता जीवन है

ओ सांवरे तू है तो मुमकिन है

तूफानों में नाव चले पतझड़ में फूल भी खिल जाएँ

बीच भवर में डोल रही नैया को किनारा मिल जाये

तुझ जैसा गर मांझी हो तो मुझको क्या ग़म है

ओ सांवरे तू है तो मुमकिन है

चाहे जैसी कठिन घडी तेरी कृपा से टल जाए

तेरी राह पे चलके बाबा हर एक मंज़िल मिल जाए

तेरे होते रोमी को ना रहती उलझन है

ओ सांवरे तू है तो मुमकिन है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।