जिसपे हो नज़रिया वो निहाल हो जाये

- सकल देव साहनी
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जिसपे हो नज़रिया वो निहाल हो जाये

मेरी मैयाजी की माया का ना पार कोई पाये

जिसपे हो नज़रिया निहाल हो जाये

सच्चे दिल से जो पुकारे ये उसी के पास है

कोइ माने या ना माने मुझको ये विश्वास है

करले इनकी सेवा तेरा काम बन जाये

जिसपे हो नज़रिया वो निहाल हो जाये

मत घबरा नादान क्या कर लेगा तूफान

आने ही वाली है तेरी शेरांवाली माँ

ईधर तूफान आता है उधर मेरी मैया आती है

भगत तक़्लीफ में होगा ये मैया जान जाती है

देखेगी जब वो तेरे चेहरे पर मुस्कान

तब ही छोड़ के जायेगी तेरी शेरांवाली माँ

मत घबरा नादान ............................

झूठ के ये सारे बंधन झूठा सब संसार है

झूठ के ये दुनिया सारी झूठा सबका प्यार है

कुछ तो मोह-माया का यू करले उपाय

जिसपे हो नज़रिया वो निहाल हो जाये

तेरा दर्शन जिसने पाया वो तो मालामाल है

बिन तेरे दीदार के तो लाल ये कंगाल है

दरश तेरा वो मैया हमें मिल जाये

जिसपे हो नज़रिया वो निहाल हो जाये

मेरी मैयाजी की माया का ना पार कोई पाये

जिसपे हो नज़रिया निहाल हो जाये

गायक:- सकल देव साहनी

मोबाईल:- 0943508121

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।