चले है बाला जीवन में झीका बजाये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चले है बाला जीवन में झीका बजाये,

कुटियाँ से निकले राम की आहट पाये

नैनो में काजल कानो में बड़े कुण्डल गालो में मुश् ढाहड़ी हाथ में कमंडल,

हुआ समना तो प्रभु हेरत में आये,

चले है बाला जीवन में झीका बजाये

देखत है राम टुकर टुकर मुश्कुरा के हनुमत के हिरदये में वो खुद को ही पा के,

असल रूप में हनुमत वेचारे आये,

चले है बाला जीवन में झीका बजाये

गिर पड़े है बाला जी प्रभु चरण पाये,

राम जी उठाये फिर गले से लगाये,

ऐसी बरसे आँखे जैसे सावन गिर आये ,

चले है बाला जीवन में झीका बजाये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।