परदे में रहने दो पर्दा ना हटाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

परदे में रहने दो पर्दा ना हटाओ

परदे में रहने दो पर्दा ना उठाओ

आज ग़ज़ब कर डाला कोई नज़र लगाएगा

परदे में रहने दो .............

इसके नाम है एक खराबी नज़रें बहुत मिलता है

धीरे धीरे मुस्काता और आँखों को मटकाता है

ले गया कोई बेहला कर फिर हाथ ना आएगा

परदे में रहने दो .............

ऊपर वाले ने बाबा को सुन्दर बहुत बनाया है

ऊपर से इसके भक्तों ने वाह वाह खूब सजाया है

सांवरिया को बनडा बनाना महंगा पद जायेगा

परदे में रहने दो .............

वृन्दावन में जाकर देखो कैसे पर्दा करते हैं

एक झलक पाने की खातिर कैसे भक्त उछालते हैं

साथ किसी के चला गया तो फिर पछतायेगा

परदे में रहने दो .............

बनवारी भक्तों से प्यारी प्यारी बातें करता है

है ये बिलकुल भोला भाला चालाकी ना समझता है

बैठा बैठा भक्तों से ये नैन लड़ायेगा

परदे में रहने दो .............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।