दस केहड़ा रूप तेरे लई

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दस केहड़ा रूप तेरे लई सजावा के खुश रहे तू सजना,

तेरे वास्ते मैं कंजरी कहावा के खुश रहे तू सजना,

तू मस्त मौला असि कख दे नहीं,

बस झूठियाँ आसा रखदे नहीं,

तू मुरशद है असि चेले हां बस तेरे कम लई वेले आ,

दे ला तू जिहनिया देनिया सजावा के खुश रहे तू सजना,

इक सजना तनु पाउन लई ऐसी इक सूली चढ़ जा गे,

ये रेहमत हो जे सइयां दी भव सागर तो भी तर जावा गे,

सिर आगे सरकार दे झुकाव के खुश रहे तू सजना,

जीवे पिंड खुनखना वाला भी मस्त दी पूजा करदा है,

पिंड रमन सिद्धू भी लगदा है बाह मुरशद पाक दी फड़ दा है,

बुल्ले वांगु मैं भी सइयां नु मनावा के खुश रहे तू सजना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।