तू दवा दे हमे जा ज़हर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू दवा दे हमे जा ज़हर,

बात सुन लो ये श्याम मगर,

हम तेरे आसरे है मेरे सँवारे,

छोड़ देना न बीच डगर,

तू दवा दे हमे जा ज़हर,

चाहे कांटे ही कांटे मिले.

चाहे पाँव हमारे छिले,

कुछ नही हम को गम जब तेरे साथ हम चाहे कितनी भी मुश्किल मिले,

सिर पे हाथ है तेरा अगर हम को मंजूर है हर डगर,

हम तेरे आसरे है मेरे संवारे छोड़ देना न बीच डगर,

तू दवा दे हमे जा ज़हर,

जो भी तूने दिया संवारे वो ही मैंने लिया संवारे,

मेरे कुछ भी नही तेरी किरपा से मैं तो अब तक जीया संवारे,

करना इतनी तू और मेहर रखना मुझपे तू अपनी नजर,

हम तेरे आसरे है मेरे संवारे छोड़ देना न बीच डगर,

तू दवा दे हमे जा ज़हर,

तेरे चरणों में है जिंदगी करनी है अब तेरी बंध्गी,

चाहे सुख दे या गम अब तेरी शरनी हम तेरे हाथो में अपनी ख़ुशी,

अब तो ले चल तू जिदर तेरे हाथो में जीवन सफ़र,

हम तेरे आसरे है मेरे संवारे छोड़ देना न बीच डगर,

तू दवा दे हमे जा ज़हर,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।