साई के दीवानो को अब ईद मनाने दो

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॥ पावन पाठ ॥

साई के दीवानो को अब ईद मनाने दो,

बाबा को आना है दिये दिल के जलाने दो,

क्या अर्ज करू तुमसे हालत जो हमारी है,

हमदर्द के मारे है किस्मत ये हमारी है,

जो हम पे गुजर ती है रो रो सुनाने दो,

बाबा को आना है दिये दिल के जलाने दो,

ये चम्पा चमेली है खुशियों की सहेली है,

क्या बात कहे तुमसे ये बात पहेली है,

आंगन में महक आये खुश्बू फैलाने दो,

बाबा को आना है दिये दिल के जलाने दो,

शिरडी की नगरी में क्या नूर बरसता है,

इक बार तो जा पागल क्यों यु तरस ता है,

हमसर का ये कहना है शिरडी तो आने दो,

बाबा को आना है दिये दिल के जलाने दो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।