फूल है वो किस्मत वाले

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

फूल है वो किस्मत वाले जो तेरे गले के हार में है,

माँ जो तेरे चरणों में पड़े है जो तेरे शृंगार में है

काश के इन फूलो के जैसी होती मेरी तकदीर ओ माँ,

मिल जाती मुझको भी तेरी ममता की जागीर ओ माँ,

महकाता अपनी खुश्बू से मैं तेरी तस्वीर माँ,

मुझको भी उन फूलो के संग रहना तेरे दरबार में है,

माँ जो तेरे चरणों में पड़े है जो तेरे शृंगार में है

भूल से कोई भूल हुई हो माँ वो भूल भुला देना,

अगले जन्म में माता रानी मुझको फूल बना देना,

मेरे माथे पे भी अपने चरणों की धूल लगा देना,

कसम तुझे उन फूलो की जो डुभे तेरे प्यार में है,

माँ जो तेरे चरणों में पड़े है जो तेरे शृंगार में है

और न कुछ भी मांगू मैया बस इतना ही कहना है,

आस है मन में तेरे भवन में साथ तेरे माँ रहना है ,

तेरी किरपा की गंगा में मुझको ऐसे बहना है,

जैसे बहते फूल ये तेरी करुणा की बोशार में है,

माँ जो तेरे चरणों में पड़े है जो तेरे शृंगार में है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।