जात पात ना पूछे बाबो वो तो मौज करे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो सेवक महारे श्याम धनि की सेवा रोज करे,

जात पात ना पूछे बाबो वो तो मौज करे,

दर पे खाटू वाले के इक बात अनोखी पाई,

हार के जो कोई आवे दर पे झट हॉवे सुनवाई,

सच्चे प्रेमी की तो बाबा पल पल खोज करे,

जात पात ना पूछे बाबो वो तो मौज करे,

हर प्रेमी माहरे श्याम प्रभु का श्याम भरोसे चाले,

उसके जीवन की गाडी कभी कदे श्याम बिना न हाले,

संकट में तो कभी नहीं बाबा की फ़ौज डरे,

जात पात ना पूछे बाबो वो तो मौज करे,

जो कोई खाटू मंदिर की तेरहा सीधी चढ़ जावे,

राजा हॉवे या रैंक सब ने बाबो गले लगावे ,

भक्ति के प्याले में ये मस्ती की डोज भरे,

जात पात ना पूछे बाबो वो तो मौज करे,

दुर्योधन को मेवा छाडे साग विधुर घर आवे जी,

कर्म को यो खीचड़ खा कर माँ का वरदान बढ़ावे जी,

बैठ झोपड़ी धना की रोमी ये भोज करे,

जात पात ना पूछे बाबो वो तो मौज करे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।