सब का मालिक एक बंदे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सब का मालिक एक बंदे,

सबका मालिक इक है,

साई का सन्देश बंदे सब का मालिक एक है,

सबका मालिक इक है,

घट घट में है राम समाया फिर काहे को भटक रहा,

मोह माया के जाल में फस कर क्यों फांसी पर लटक रहा,

जिस पर किरपा साई नाथ की उस के बदले लेख है,

सबका मालिक इक है,

साई के वचनो में बंदे ज्ञान की गंगा बहती है,

सच मन से घोटा लगा दो नइयाँ पार लग जाती है,

साई राम है साई श्याम है,इस के रूप अनेक है,

सबका मालिक इक है,

साई नाम में गज़ब की शक्ति हरीश तू करले साई की भक्ति,

साई है सतगुरु सब का दाता साई की वाणी है सच्ची,

कहे गोपाल हर मजब है झुकता प्यारे करे हर एक है,

सबका मालिक इक है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।