याद आई रे श्याम तेरी आई रे याद आई रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

याद आई रे श्याम तेरी आई रे याद आई रे

मेरे श्याम मुरारी मुझे दर्श दिखाओ,

मेरे श्याम मुरारी मुझे यु न सताओ

मेरे मन में चैन नही है,

कटते यह दिन रेन नही है ,

भर आई रे आंख भर आई रे याद आई रे,

याद आई रे श्याम तेरी आई रे याद आई रे

भूलो मेरी करम कहानी तेरी मेरी प्रीत पुरानी,

ये बतियाँ क्यूँ बिसराई रे याद आई रे,

याद आई रे श्याम तेरी आई रे याद आई रे

मुझे तुम क्यों रूठ गये हो विच बनवर मैं क्यों छोड़ गये हो,

मेरा तू ही इक हैं सहाई रे याद आई रे.

याद आई रे श्याम तेरी आई रे याद आई रे

फीके भोग विलास हैं सारे फीके पड़ गये चंदा तारे,.

ये किस्मत कहा ले आई रे याद आई रे

याद आई रे श्याम तेरी आई रे याद आई रे

Aashish Kaushik

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।