हर घडी याद तेरी आये सौतन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर घडी याद तेरी आये सौतन बन के,

हो मैं फिरू श्याम तेरे नाम की जोगन बन के,

इक जमाना था भुलाना से चला आता था,

मुझको हर कण में तेरा नजर आता था,

टूट गई मैं तो तेरे चेहरे का दर्पण करके,

मैं फिरू श्याम तेरे नाम की जोगन बन के,

याद कर वाधा किया तूने यमुना तट पर,

जी सकेगा न कभी मुझसे तू दूर हटकर,

छल गया छलियाँ मुझको मेरा दुश्मन बन कर,

मैं फिरू श्याम तेरे नाम की जोगन बन के,

कांच के जैसे तूने दिल मेरा तोड़ दिया,

शीशे के जैसा मेरा दिल था तूने तोड़ दियां,

ऐसा लगदा है किसी और से दिल जोड़ लियाँ,

अब तो हर रात मुझे डॉस ती है नागिन बन कर

मैं फिरू श्याम तेरे नाम की जोगन बन के,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।