मुझ पर भी कर्म कर दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँवरे मेरे मुझ पर भी,

कुछ ऐसा कर्म कर दो,

तुम जो हारे का सहारा हो,

मेरा दूर भरम कर दो,

साँवरे मेरे मुझ पर भी,

कुछ ऐसा कर्म कर दो,

बादल बरस रहे दुःखों के,

मुझ पे पीर पड़ी भारी,

ले लो चरण शरण में मुझको,

मेरे नटवर नागर गिरधारी,

मोह माया के पाश में बंधा हूँ,

लालच ने मुझे घेरा ,

आँखों पे है पट्टी अज्ञानता की,

छाया है तिमिर घोर घनेरा,

इक लौ जगा दो मेरे प्रभु जी,

हो जाए दूर मन से अँधेरा,

बन जाओ सारथी तुम ,

मेरे भी जीवन पथ को सुगम कर दो

साँवरे मेरे मुझ पर भी,

कुछ ऐसा कर्म कर दो

तुम जो हारे का सहारा हो

मेरा दूर भरम कर दो

राजीव त्यागी 82852461354

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।