मेरा जीवन हुआ गुलशन तुम्हारा नाम लेने से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा जीवन हुआ गुलशन तुम्हारा नाम लेने से,

तुम्हारा नाम लेने से तुम्हारा नाम लेने से,

हुई आसान हर उल्जन तुम्हरा नाम लेने से,

मेरा जीवन हुआ गुलशन तुम्हारा नाम लेने से

मुझे अब गम के कांटे भी सहज फूलो की,

लगे पत्झग भी अब सावन तुम्हारा नाम लेने से,

मेरा जीवन हुआ गुलशन तुम्हारा नाम लेने से

ज़माने भर के दुखडो से भरी थी ज़िंदगी मेरी,

मिला हर दर्द को मरहम तुम्हारा नाम लेने से,

मेरा जीवन हुआ गुलशन तुम्हारा नाम लेने से

था खाली खाली सा ये मन ना कोई शोर न रौनक,

महल मन का हुआ रोशन तुम्हारा नाम लेने से,

मेरा जीवन हुआ गुलशन तुम्हारा नाम लेने से

जगत की दुनिया दारी में बंधा था सोनू का ये मन,

के अब टुटा है हर बंधन तुम्हरा नाम लेने से,

मेरा जीवन हुआ गुलशन तुम्हारा नाम लेने से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।