मुझे छोड़ न देना श्याम कहीं मँझदार में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुख दुःख का लगा है मेला इस संसार में

मुझे छोड़ न देना श्याम कहीं मँझदार में

कहीं पतझड़ कहीं पे फूल खिले हैं बहार में

मुझे छोड़ न देना श्याम कहीं मँझदार में

मीरा का तुम बांके सहारा विष को कर दिया अमृत धरा

द्रौपदी संग भी प्रीत निभाई जाकर तुमने लाज बचाई

तुम लाज मेरी भी रखना इस बर्बार में

मुझे छोड़ न देना श्याम कहीं मँझदार में

तेरे हवाले नैया हमारी पार करो हे कृष्ण मुरारी

हाथ मेरा प्रभु छोड़ ना देना सुनलो विनती नाथ हमारी

हम चलो पड़े हैं मोहन बिन पतवार के

मुझे छोड़ न देना श्याम कहीं मँझदार में

दींन दुखी सब कष्ट के मारे आते हैं प्रभु तेरे द्वारे

मैं भी आया है जगदाता जीवन मेरा तेरे सहारे

विजयराज भी लगे हैं इसी कतार में

मुझे छोड़ न देना श्याम कहीं मँझदार में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।