जीवन की सूनी राहों में जब जब दिल घबराता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जीवन की सूनी राहों में जब जब दिल घबराता है

खाटू वाला हाथ पकड़ कर मुझको राह दिखता है

मेरी हर दुःख तकलीफों को सेठ शीमा ने टाला है

आधी रात को भी बाबा ने आकर मुझको संभाला है

मुश्किल के आने से पहले श्याम मेरा आ जाता है

खाटू वाला हाथ पकड़ कर मुझको राह दिखता है

ये दुनिया है मौसम जैसी पल में रंग बदलती है

जिनके सितारे आसमानो में उनके साथ ही चलती है

हम जैसे टूटे तारो का श्याम ही साथ निभाता है

खाटू वाला हाथ पकड़ कर मुझको राह दिखता है

मुझ जैसे कंकर को तूने मोती का स्वरुप दिया

बिन मांगे ही श्याम सलोने तूने मुझको खूब दिया

आज तुम्हारे दम पे माधव दुनिया में इतराता है

खाटू वाला हाथ पकड़ कर मुझको राह दिखता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।