राम राम बोल बेला होया सत्संग दा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन राम भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

राम राम बोल बेला होया सत्संग दा

प्रेम वाली गली विचो कोई कोई लांगदा

भागा वाला लांगदा नसीबा वाला

मेरे जेहा पापी उथो लांगदा वी संग्दा

राम जी दा मन्दिर होवे राम उसदे अन्दर होवे

सीता राम सीता राम मन विच वसदा

राम राम..........

श्याम जी दा मन्दिर होवे श्याम उसदे अन्दर होवे

राधे श्याम राधे श्याम मन विच वसदा

राम राम.........

शिवा जी दा मन्दिर होवे शिव जी उसदे अन्दर होवे

गौरा ते गणेश मेरे मन विच वसदा

राम राम........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।