तू जरा कोशिश तो कर

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॥ पावन पाठ ॥

मुश्किलें कुछ भी नहीं है

इनसे तू कभी ना डर

ख्वाब बन जायेंगे हकीकत

तू जरा हिम्मत तो कर

तू जरा कोशिश तो कर

सदा चलती कहाँ हैं

मुश्किलो वाली आँधियाँ

जला शमां कर चराग रोशन

तू जरा कोशिश तो कर

उन्मुक्त गगन का तू परिंदा

छूने को आसमान है जिंदा

खोल परों को उड़ान भर

तू जरा कोशिश तो कर

मत थक हार मत तू

मन को अपने मार मत तू

कर संकल्प चल निडर

तू जरा कोशिश तो कर

मुश्किलें कुछ भी नहीं हैं

इनसे तू कभी ना डर

ख्वाब बन जायेंगे हकीकत

तू जरा हिम्मत तो कर

तू जरा कोशिश तो कर

राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।