चिमटे दी छनकार

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

चिमटे दी छनकार बाबा तेरे चिमटे दी,

जेहड़ी पाउंदी फिरे धमाल,

बाबा तेरे चिमटे दी,

मोर दी सवारी बाबा शाहतलाइयाँ आ गया,

शाहतलाइयाँ आ गया जी शाहतलाइयाँ आ गया,

हो बन गया गोआ दा ग्वाल बाबा तेरे चिमटे दी

चिमटे दी छनकार बाबा तेरे चिमटे दी,

मोर दी सवारी बाबा गुणाझाड़ी बह गया,

बन गया रत्नो दा लाल बाबा तेरे चिमटे दी

चिमटे दी छनकार बाबा तेरे चिमटे दी,

मोर दी सवारी बाबा गुफा वल बह गया,

रखदा है सब दा ख्याल बाबा तेरे चिमटे दी

चिमटे दी छनकार बाबा तेरे चिमटे दी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।