पा जायेगे पा जायेगे सिद्ध जोगी जी दा दर्शन पा जायेगे

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

पा जायेगे पा जायेगे सिद्ध जोगी जी दा दर्शन पा जायेगे,

रह जायेगे रह जायेगे पापी देखते ही देखते रह जायेगे,

सारे जग तो भवन निराला,

दर तेरे आवे कोई करमा वाला,

तर जायेगे ता जायगे आज जोगी जी दा लड़ फड़ तर जायेगे,

पा जायेगे पा जायेगे सिद्ध जोगी जी दा दर्शन पा जायेगे,

सिद्ध जोगी जी जय जय कार पौणाहारी जी दी जय जय कार,

गुफा सुहानी विच रत्नो दा पाली,

अर्ज सुनावे जो भी जावे न खाली,

प्यारे लग दे प्यारे लगदे जोगी मोर दी सवारी बड़े प्यारे लगदे.

पा जायेगे पा जायेगे सिद्ध जोगी जी दा दर्शन पा जायेगे,

रिंकू तलाईंया वाला गुण तेरे गावे लिख लिख महिमा वंदना भी गावे,

रख लेंदा रख लेंदा लाज सबना दी योगी मेरा रख लेंदा,

पा जायेगे पा जायेगे सिद्ध जोगी जी दा दर्शन पा जायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।