मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी

सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण भजन रानी सती दादी भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी

हाथां रचगी...माँ के हाथां रचगी...

कामण गारी मेंहदी ए,दादी के हाथां रचगी...

हे अनमोल सुहाग निशानी,तेरी किस्मत न्यारी

दादी जी के हाँथ रची तू,लागे प्यारी प्यारी

श्यामल गारी मेंहदी ए,हाथां की शोभा बणगी

मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी

घनी राचणी मेंहदी गंगाजल में म्हे घुलवायी

चांदी की चौकी पर बैठी दादी हाँथ मण्डाई

जादूगारी मेंहदी ए,दादी पर जादू करगी

मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी

सर्व-सुहागन हे बड़भागान तन्ने हाँथ रचावे

लाल सुरंगी रचकर तू हाथां को मान बढ़ावे

बड़ी प्यारी मेंहदी ए,दादी के मन बसगी

मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी

मेंहदी तेरा भाग अनोखा,दादी के मन भायी

दादी जी किरपा ताईं तरसे लोग-लुगाई

प्यारी-प्यारी मेंहदी ए,हरष के हिये रमगी

मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी

मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी

हाथां रचगी...माँ के हाथां रचगी...

कामण गारी मेंहदी ए,दादी के हाथां रचगी...

स्वर - सौरभ मधुकर

संपर्क - 09831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।