श्याम तेरा ही अब सहारा है

अजय नाथानी "अंकुश"
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बिन कोई ना हमारा है

श्याम तेरा ही अब सहारा है

आज आओ मोहन,मुझपे उपकार करो,

कष्ट हर लो मेरे सारे,मेरा उद्धार करो |

कन्हैया सुनो आज अर्जी मेरी,

मैं करता हूँ अरदास दिल से तेरी,

कोई ना अपना आज है

किसी से नहीं आस है,

इक तेरा ही है आसरा,

तेरा ही विस्वास है,

दिल ने तुमको ही अब पुकारा है,

श्याम तेरा ही अब सहारा है.....

तेरे दर पे हम आये,

मन में यह आशा लाये,

आज तक तेरी कृपा से ही

काम सब होते आये,

खड़े श्याम तेरी शरण आज हम

लूटा दे तू खुशिया

मिटा दे हर गम,

ये जिंदगी की डोर श्याम तेरे ही हाँथ है,

मिलेगी सारी खुशियाँ,मिले जो तेरा साथ है,

दास अंकुश को तू ही प्यारा है

श्याम तेरा ही अब सहारा है.....

तेरे बिन कोई ना हमारा है

श्याम तेरा ही अब सहारा है

गीतकार - अजय नाथानी "अंकुश"

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।