खाटू धाम हमारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्या वैकुण्ठ क्या स्वर्ग का करना मुझको जान से प्यारा,

खाटू धाम हमारा,

खाटू की धरती पावन यहाँ बाबा का है बसेरा,

मेरा तो स्वर्ग वही पे यह श्याम धनि का डेरा,

इस से सूंदर कुछ भी नहीं है देख लिया जग सारा,

खाटू धाम हमारा

जिसने खाटू देखा है वो स्वर्ग न जाना चाहे,

है धाम वो सबसे प्यारा यह ये दरबार लगाये,

भगतो की खातिर बाबा ने धरती पे स्वर्ग उतारा,

खाटू धाम हमारा

मौका मिले जो तो इक बार तुम खाटू जाके आओ,

क्या मैंने झूठ कहा था आकर के मुझ बताओ,

कहे पवन के जाना पड़े गा मिलने इनसे दोबारा,

खाटू धाम हमारा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।