श्री जीण माता 108 नाम यात्रा

सौरभ मधुकर
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जीण माता की जय,भँवरवाली की जय...

बोलो बोलो माँ दुर्गा,माँ काली की जय...

जीण माता की जय,भँवरवाली की जय...

|| श्री जीण माता,मात जयंती,श्री जगजननी,श्री जगकल्याणी,

मंगलकरनी,श्री महामाई,कुलप्रकाशिनी,आशापूर्णी,

महिषासुर मर्दिनी,औरंगज़ेब दर्पदलिनी,चौहान चन्द्रिका,श्री दुर्ग साधिनि ||1-12||

जीण माता को नाम भंवरावाली,

ओ मेरी मैया को नाम भंवरावाली,

भंवरावाली गोरियावाली.....भंवरावाली गोरियावाली.....

जीण माता को नाम भंवरावाली,

ओ मेरी मैया को नाम भंवरावाली....

|| श्री दुर्ग नाशिनी,पांडव पूजिता,अटल छत्राणि,गंगो दुलारी,

श्री छत्राणि,श्री भंवरावाली,जयदेव पूजिता,बाला बाबाराध्या,

पराशर कुल-कल्याणी,श्री काजल शिखरि,श्री शक्ति स्वरूपा,श्री घोर तपस्विनी ||13-24||

मन भूल मत जइयो जीण माता के चरण,

जीण माता के चरण,हर्ष-भैरव के चरण...

मन भूल मत जइयो जीण माता के चरण,

|| श्री हर्ष बहिनी,श्री पर्वत वासिनी,श्री दुर्ग मोहा,श्री सिद्धि दायनी,

परिसुता जी,श्री पाप विनाशिनी,ह्रदय निवासिनी,श्री भक्ति दायनी,

श्री लक्ष्मी दायनी,अति सुख दायनी,अरुण दैत्य संघारिणी,त्रिगुणेश्वरी ||25-36||

जीण माता की जय,भँवरवाली की जय...

बोलो बोलो माँ दुर्गा,माँ काली की जय...

जीण माता की जय,भँवरवाली की जय...

|| श्री दुर्ग भीमा,श्री दुर्ग भामा,ब्रम्हचारिणी,श्री सर्वमंगला,

अनादि अनंता,श्री पालनहारी,श्री अष्टभुजी,श्री दुर्ग दारिणी,

सकती दात्री,लोक प्रकाशनी,श्री जग वन्दिनी,शक्ति अवतारी ||37-48||

माँ का नाम अनमोल,तू जीण जीण बोल...

|| श्री भक्त हितकारी,श्री सिंह वाहिनी,गोरिया वासिनी,श्री भव मोचिनी,

श्री राज किशोरी,रातां दे नंदिनी,सर्व मन्त्रमयी,घांघू लाडेसर,

श्री अन्नपूर्णा,श्री शूल धारिणी,श्री खडग धारिणी,श्री खप्पर धारिणी ||49-60||

मन भूल मत जइयो जीण माता के चरण,

जीण माता के चरण,हर्ष-भैरव के चरण...

मन भूल मत जइयो जीण माता के चरण,

|| चंडी चामुण्डा,सहस्त्र धारिणी,सर्व अनंता,कर्ता धर्ता हर्ता,

श्री चन्द्र घंटा,मधु कैटव संघारिणी,श्री रुद्राणी,सर्व जान कल्याणी,

निर्भय करनी,श्री कुष्मांडा,चण्ड-मुंड नाशिनी,तंत्र मन्त्र ज्ञाता ||61-72||

जीण माता की जय,भँवरवाली की जय...

बोलो बोलो माँ दुर्गा,माँ काली की जय...

जीण माता की जय,भँवरवाली की जय...

|| दुर्गा स्वरूपणी,साधवी कुमारी,भव प्रीता,श्री नारायणी,

संकट हारिणि,भव तारिणी,सौम्य स्वरूपणीं,कामना पूर्णि,

श्री मारमेश्वरी,श्री त्रिपुर सुंदरी,विश्वेश्वरि,श्री भवभूपा ||73-84||

माँ का नाम अनमोल,तू जीण जीण बोल...

मन में अमृत तू घोल,प्यारे जीण जीण बोल...

|| श्री अनंत अनूपा,शारदा स्वरूपा,करुणामयी,श्री वरदायिनी,

अविनाशी,मृदु सुहासी,श्री ब्रह्माणी,श्री कमला रानी,

श्री शैल पुत्री,स्कन्द माता,श्री कात्यायनी,श्री काल रात्रि ||85-96||

मन भूल मत जइयो जीण माता के चरण,

जीण माता के चरण,हर्ष-भैरव के चरण...

मन भूल मत जइयो जीण माता के चरण,

|| श्री महागौरी,पुत्र वत्सला,आनंद विधायिनी,आदि शक्ति,

कलियुग की भवानी,विद्या दायिनी,दिव्य दर्श वाली,मनोपिनाथ धारिणी,

जगदम्बा मैया,अगोचर नंदा,प्रनत पालिका,श्री महा विलासिनी ||97-108||

जीण माता की जय,भँवरवाली की जय...

बोलो बोलो माँ दुर्गा,माँ काली की जय...

जीण माता की जय,भँवरवाली की जय...

संपर्क - 09831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।