सरब सुहागन मिल मंदरिये में आई

माधुरी मधुकर
माँ गंगा भजन रानी सती दादी भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

सरब सुहागन मिल मंदरिये में आई

दादी जी के हाथ रचाई जी या मेंहदी

सोने की झारी में गंगाजल ल्याई

कंचन थाल घुलाई जी या मेंहदी

चांदी की चौकी पे चौक पुरायो

दादी जी बैठ मंडाई जी या मेंहदी

भाव भरी मेंहदी हाथां रांची

म्हारी दादी जी ने भोत ही प्यारी जी या मेंहदी

चरण धोय चरना में लागि

आशीष ले घर आई जी या मेंहदी

दया दृष्टी कर दो दादी जी

थारा टाबरिया मिलकर गायी जी या मेंहदी

सरब सुहागन मिल मंदरिये में आई

दादी जी के हाथ रचाई जी या मेंहदी

भजन गायिका - माधुरी मधुकर

संपर्क - 0918902154970

स्वर - माधुरी मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।