तैनु ना विसारा सारे जग नु विसारेया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तैनु ना विसारा सारे जग नु विसारेया,

मेरे घर इक वारि आजा हारावालिया ,

जहर प्याला जदो मीरा नु पिलाया सी,

तेरा नाम लेके मीरा मुख नाल लाया सी,

जहर प्याला पीके मीरा नु तारेया ,

तैनु........

सभा विच द्रौप्ती दी लाज नु बचाया सी,

साड़िया दा ढेर मेरे सावरे नु लाया सी,

सभा विच द्रौप्ती ने तैनु पुकारया ,

तैनु.......

बिल्नी दी कुटिया च राम जदो आये सी,

ऊथे मेरे राम ने चरन लगाये सी,

खटटे मीठे बैर खाके बिल्नी नु तारया,

तैनु.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।