सुख पायेगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुख पायेगा जय श्री श्याम सिमर ले,

श्याम नाम सिमर के अपनी जिबया पावन करले,

सुख पायेगा जय श्री श्याम सिमर ले,

श्याम शरण में जो भी आया बदली है तकदीर,

मेरे श्याम को पाकर बन गई लाखो की तकदीर,

श्याम प्रभु की शरण में प्रेमी जीवन सफल तू कर ले रे,

सुख पायेगा जय श्री श्याम सिमर ले,

बोहत यत्न से मिलती है श्याम नाम की दौलत,

चार दिनों का जीवन है फिर न मिलेगी मोहलत,

लाख दातार के दर पे झोली खुशाली से भर ले रे,

सुख पायेगा जय श्री श्याम सिमर ले,

सारे दुखो को दूर करदे मेरे शयाम का नाम रे,

हारे हुयो को ही जितना मेरे श्याम का काम रे,

किरपा मिल जाये श्याम धनि की भाग्ये सवर जाए तेरे रे,

सुख पायेगा जय श्री श्याम सिमर ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।