छोटे से मेरे गणपति देवा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

छोटे से मेरे गणपति देवा चल ठुमक ठुमक कर आ जाओ,

रेशम डोरी चन्दन पटली तुम झूला झूलने आ जाओ,

छोटे से मेरे गणपति देवा.........

ये राम नाम का झूला है सीता मियां ने ढाला है,

ये कृष्ण नाम का झूला है राधा रानी ने ढाला है,

संग आये हनुमत प्यारे है ये जोटा तुम्हे लगाये गे,

रेशम डोरी चन्दन पटली तुम झूला झूलने आ जाओ,

छोटे से मेरे गणपति देवा.........

ये झूला बड़ा ही न्यारा है,

गोरा मैया को प्यारा है,

भोले जी तुम्हे झुलाये गे,

ये डमरू मधुर भाजयेगे,

विष्णु जी लक्ष्मी आये है तुम्हे अपनी गॉड खिलायेगे,

रेशम डोरी चन्दन पटली तुम झूला झूलने आ जाओ,

छोटे से मेरे गणपति देवा.........

इस झूले की शोभा न्यारी सब देवो ने मिल के सजाया है,

इंद्र इन्द्राणी ने मिल कर फूलो से इसे महकाया है,

याह चवर धुलाये पवन देव तेरा दर्शन हम सब पाएंगे,

रेशम डोरी चन्दन पटली तुम झूला झूलने आ जाओ,

छोटे से मेरे गणपति देवा.........

खुशियों की वेला आई है,

सब मिल कर ख़ुशी मनाएंगे,

गणपत जी देखे पलना में,

सब वारि वारि झुलाएंगे,

कही नजर न लग जाए लला को,

सब मिल कर नजर उतारे गे,

रेशम डोरी चन्दन पटली तुम झूला झूलने आ जाओ,

छोटे से मेरे गणपति देवा.........

तुम शुभ और लाभ के दाता हो मेरे भंडारे भर देना ,

हम झूला रहे झूला तुझको अब दया की दृष्टि कर देना,

गिरी सेवक है तुम स्वामी हो चरणों में शीश झुकाये गे,

रेशम डोरी चन्दन पटली तुम झूला झूलने आ जाओ,

छोटे से मेरे गणपति देवा.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।