ऐसा यार मिला ज़िंदगी घनी प्यारी हो गई रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले श्याम धनि ते यारी हो गई रे,

ऐसा यार मिला ज़िंदगी घनी प्यारी हो गई रे,

जितनी खुशियां दुनिया में माहरी हो गई रे,

ऐसा यार मिला ज़िंदगी घनी प्यारी हो गई रे,

जान से प्यारा सांवरियां से इस जैसा कोई और नहीं,

इतने लाड करे ये मेरे यो करता कोई और नहीं,

इस चौकठ चुम के किस्मत न्यारी हो गई रे,

ऐसा यार मिला ज़िंदगी घनी प्यारी हो गई रे,

मने सारी दुनिया फीकी लागे इतना प्यार लुटावे से,

दुःख के बादल आगे ते यो अपने आप हटावे से,

इक पल में हल मेरी मुश्किल सारी हो गई रे,

ऐसा यार मिला ज़िंदगी घनी प्यारी हो गई रे,

देख नजारे खाटू धाम के छोरे तू पागल हो जा गा,

जब सोनू के भजन सुने तेरे सिर जादू सा हो जा गा,

कलयुग में मेरा श्याम की सरदारी हो गई रे,

ऐसा यार मिला ज़िंदगी घनी प्यारी हो गई रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।