नित रोज नया भागा पहनावे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नित रोज नया भागा पहनावे भगता थाने श्याम जी,

गूंज रहे सारी दुनिया में बाबा थारो नाम जी

नित रोज नया भागा पहनावे भगता थाने श्याम जी

लाल गुलाभी नीला पीला सब रंग श्याम ने भावे,

पहन के नित नया भागा महारो श्याम धनि मुश्कावे,

देख देख मुस्कान लला की दिल हॉवे कुर्बान जी,

नित रोज नया भागा पहनावे भगता थाने श्याम जी

मोटा सेठ का भगत भी मोटा मेहंगो भागो ले आवे,

हीरा मोती मानक पना भागा में जड़ावावे,

मेहंगो सो मेहंगो पहनावे ना देखे बाबा धाम जी,

नित रोज नया भागा पहनावे भगता थाने श्याम जी

भागे को शौकीन है बाबा बदल बदल के पहने,

कदे जरी को कदे बहन्दे जी कदे मखमली पहने,

मिंट मिंट में बदलन लागियो कइयाँ करा इन्तजार जी,

नित रोज नया भागा पहनावे भगता थाने श्याम जी

छोटा मोटा भगत मैं बाबा हल्का भागा लाया,

प्रेम भाव से मोहित बाबा थाने पिरावण आया,

ऊचो रुतबो था को बाबा रखो माहरा मान जी,

नित रोज नया भागा पहनावे भगता थाने श्याम जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।