रुनिचे वाला खम्मा खम्मा ओ थाने मोकळी

सौरभ मधुकर
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

रुनिचे वाला खम्मा खम्मा ओ थाने मोकळी

अजमल जी रा लाला,खम्मा खम्मा ओ थाने मोकळी

अजमल घर अवतार लियो थे

सकळ देवता भारी

थारा परचा बिलकुल साँचा

जाने दुनिया सारी

रुनिचे रा धनिया,खम्मा खम्मा ओ थाने मोकळी

एक सेठ की नाव भंवर में

थांसू अरज लगाईं

चौपड़ खेलत ध्यान लगायो

पल में करी सहाई

ध्वजाबंद धारी,खम्मा खम्मा ओ थाने मोकळी

ठाकुर थाने याद कर्यो जद

भाग्या भाग्या आया

सांकळ तोड़ी घोड़ो भेज्यो

ठकुरानी जस गाया

सुगणा रा वीरा,खम्मा खम्मा ओ थाने मोकळी

रुणिचा में मंदिर थारो

महिमा सबसे न्यारी

दया राखियो हरदम बाबा

गुण गावे बनवारी

अजमल जी रा कंवरा,खम्मा खम्मा ओ थाने मोकळी

रुनिचे वाला खम्मा खम्मा ओ थाने मोकळी

अजमल जी रा लाला,खम्मा खम्मा ओ थाने मोकळी

संपर्क - 09831258090

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।