चलो चले यहाँ श्याम मिले बिगड़ी बन जावे गी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चलो चले यहाँ श्याम मिले बिगड़ी बन जावे गी,

लख्दातारी है बड़ा दयालु दुःख सारा टल जावेगा जिंदगी मुसकावे गी,

बहुत सुनी स्कलाई रे मने सांवरियां याद आवे रे,

नींद से जागु बार बार सुप्नेया में श्याम भुलावे से ,

मिला नही जो श्याम से तो फिर नींद सतावे गी

लख्दातारी है बड़ा दयालु दुःख सारा टल जावेगा जिंदगी मुसकावे गी,

जगवालो से छोड़ उमीदे श्याम ही सचा साथी है,

नईयां पार लगाने वाला श्याम हमारा माझी है,

खाली झोली श्याम के दर झटपट भर जावे गी,

लख्दातारी है बड़ा दयालु दुःख सारा टल जावेगा जिंदगी मुसकावे गी,

लोग बतावे कलयुग में हारे का सहारा श्याम धनि,

खाटू वाला शर्नाघ्त पे सदा ही करता किरपा धणी,

अरे सोनी चोखानी चले किस्मत खुल जावे गी,

लख्दातारी है बड़ा दयालु दुःख सारा टल जावेगा जिंदगी मुसकावे गी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।