मैं जबसे तेरा साँवरा हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं जबसे तेरा साँवरा हो गया,

कल क्या था मैं आज क्या हो गया,

जीवन की बगियाँ सुखी हुई थी,

बहारे भी मुझसे रूठी हुई थी,

वही भाग फिर से हरा हो गया,

कल क्या था मैं आज क्या हो गया,

मैं जबसे तेरा साँवरा हो गया,

मेरे साथ चलती थी बाद नसीबी,

हारा मैं हर दम ना जीता कभी भी,

अब जीत का सिलसिला हो गया,

कल क्या था मैं आज क्या हो गया,

मैं जबसे तेरा साँवरा हो गया,

दर्द था दिल में अँखियो में पानी,

सोनू मिला न था तुमसे दानी,

मेरे दर्दे दिल की दवा बन गया,

कल क्या था मैं आज क्या हो गया,

मैं जबसे तेरा साँवरा हो गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।