ओ गणपति गजानन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

ओ गणपति गजानन मुझको जरा बता दे,

मेरी पूजा में कोई कमी हो तो विधि मुझे सिखा दे,

ओ गणपति गजानन.....

शीश झुका के तुमको,

मनाऊँ मैं गोरी नंदन,

सर्वप्रथम तुम्हारा ,

गाऊँ मैं नित वन्दन,

दर्शन की आस है मुझको,

दर्शन जरा दिखा दे,

मेरी पूजा में कोई कमी हो,

तो विधि मुझे सिखा दे,

ओ गणपति गजानन.....

दयानिधान हो तुम,

स्वामी दया के सागर,

करो कृपा मुझपे स्वामी,

होवे दया तुम्हारी उजागर,

करुणा अपनी भगवन,

मुझपे भी जरा जता दे,

मेरी पूजा में कोई कमी हो,

तो विधि मुझे सिखा दे,

ओ गणपति गजानन.......

रिद्धि सिद्धि के स्वामी ,

करूँ भोग तुम्हें अर्पण,

भक्ति भाव से जो है,

सो किया जो समर्पण,

करो दूर कष्ट हमारे,

खुशियों का घर बसा दे,

मेरी पूजा में कोई कमी हो,

तो विधि मुझे सिखा दे,

ओ गणपति गजानन..........

राजीव त्यागी

8285246134

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।