पापा तुझको सिस झुकाऊ

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जग में जो मेरी अच्छी पहचान है

पापा ये मुझ पर तेरा एहसान है

भगवान से पहले पापा तुझको सिस झुकाऊ,

तेरे एहसानों का बदला कैसे चुकाऊ,

मेहनत करके मेरा मुकद्दर बनाया ,

खून पसीना मेरे लिए अपना बहाया ,

अंदाजा तेरे प्यार का मैं कैसे लगाऊं ,

तेरे एहसानों का बदला कैसे चुकाऊ ,

बिठा के कंधे पर मुझको जग दिखलाया ,

उंगली पकड़कर मुझको चलना सिखाया ,

हर जन्म में बेटा तेरा बनके आऊं ,

तेरे एहसानों का बदला कैसे चुकाऊ -------

आज मैंने दुनिया में जो नाम कमाया ,

तेरी मेहनत ने मुझको इस लायक बनाया ,

याद है वह दिन मुझको कभी ना भूल पाऊं,

तेरे एहसानों का बदला कैसे चुकाऊ ------- ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।