कीर्तन की है रात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कीर्तन की है रात श्याम जी आ जाओ,

भगता लगाई आस श्याम जी आ जाओ,

कीर्तन की है रात श्याम जी आ जाओ,

तू है संसार का मालिक तेरे जैसा और न दूजा,

तेरे दर्शन पाने की खातिर तेरी करते है रोज पूजा,

मोहे देने दर्श दीदार संवारे आ जाओ,

कीर्तन की है रात श्याम जी आ जाओ,

तेरा अजब अनोखा द्वारा यहाँ झुकता है जग सारा,

मैंने देखा खाटू में मेले का अजब नजारा,

म्हारे मंडे की सुन के पुकार संवारे आ जाओ,

कीर्तन की है रात श्याम जी आ जाओ,

माँ एहलेया वती का प्यारा भगतो को तेरा सहारा,

नीले पे दोडा आये भक्तो ने जब भी पुकारा,

लक्की करे गुण गान तेरी मर्जी से ही,

कीर्तन की है रात श्याम जी आ जाओ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।