जय करणी माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी शेरावाली मइयां जी बड़ी प्यारी प्यारी,

लाटा वाली झंडे वाली तुही दुर्गा तू ही काली,

तेरा सुंदर है शिंगार माँ क्या बात तुम्हारी,

सोये सुहा चोला माथे पे बिंदियाँ,

कानो में झ्मुका और लाल चुनरियाँ,

हाथो में चुडा पैरो में पायल,

जो भी छवि देखे हो जाये घायल,

लाटा वाली झंडे वाली तुही दुर्गा तू ही काली,

तू ओह्ड़े लाल चुनरियाँ करे सिंह सवारी,

मेरी शेरोवाली मियाँ .........

तू जीन भवानी अम्बे कल्याणी,

ममता की मूरत तू ही वरधानी,

करुना बरसाती तू ही माँ करनी,

झोली भर देती सब कष्ट मिटाती,

ज्योता वाली वैष्णो रानी तू चामुंडा कांगडे वाली,

लाटा वाली झंडे वाली तुही दुर्गा तू ही काली,

तेरा पर्वत पे अस्थान के जलती ज्योत नुरानी,

मेरी शेरावाली मियाँ जी ....

सब भगत है आते तेरा दर्शन पाते,

चरणों में तेरे माँ भेट चडाते,

कोई चोला लाया कोई ध्वजा नारियल,

कोई किशमिश मेवा तुम्हे भोग लगाते,

लाटा वाली झंडे वाली तुही दुर्गा तू ही काली,

माँ चिन्तपुरनी तू मिटा दे चिंता सारी,

मेरी शेरावाली मियां.........

व्याकुल बतलाता तू दर पे आजा,

संधू कहता है सारे सुख पाजा,

मुक्ति का पथ है मियाँ का सुमिरन,

तू हाथ जोड़ के करे माँ का वन्धन

लाटा वाली झंडे वाली तुही दुर्गा तू ही काली,

लक्की करता गुण गान के सुनती दुनिया सारी,

मेरी शेरावाली मैयां जी बड़ी प्यारी प्यारी,

गायक लक्की शेखावत 9463501003

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।