चरणों का देदे मुझे प्यार सँवारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे दिल की सुन ले तू पुकार सँवारे,

चरणों का देदे मुझे प्यार सँवारे,

मेरी धड़कन में तू मेरी सांसो में तू

मेरी नजरो में तू मेरी आँखों में तू,

हर पल है मुझको तेरी दरकार सँवारे,

चरणों का देदे मुझे प्यार सँवारे,

मेरी पूजा में तू मेरे बंधन में तू,

मेरी भक्ति लगन और सुमिरन में तू,

जीना तेरे बिन दुशवार सँवारे,

चरणों का देदे मुझे प्यार सँवारे,

मेरे सपनो में तू मेरे यादो में तू,

मुझ अनाड़ी के दिल के इरादों में तू,

अंजलि है तुजपे हुई निशार सँवारे,

चरणों का देदे मुझे प्यार सँवारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।