चीर चुराके ले गया यशोदा तेरा नंदलाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज चीर चुराके ले गया यशोदा तेरा नंदलाला

यमुना काट ते आईया सखिया

नी ओ कदमा ते चढ़के बह गया यशोदा तेरा नंदलाला

आज.......

यमुना दा ठंडा ठंडा मीठा मीठा पानी

नी ओ मालक बनके बह गया यशोदा तेरा नंदलाला

आज......

आन्दिया जांदिया सखिया चेडे

नी ये सखिया दे राह मल बह गया यशोदा तेरा नंदलाला

आज.......

बरसाने दिया गोरिया सखिया

ऐदा काला रंग लुट के ले गया यशोदा तेरा नंदलाला

आज........

मोटी मोटी अखिया च निमा निमा कजरा

नी ये अखिया नाल बडा कुछ कह गया यशोदा तेरा नंदलाला

आज........

बंसरी दी मीठी मीठी तान सुनाके

नी ये दिला च समाके बह गया यशोदा तेरा नंदलाला

आज.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।