मोहे रंग दो सांवरिया उसी रंग में

संत कबीर
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोहे रंग दो सांवरिया उसी रंग में,

जा में रंग के में तुम सी लागूं सांवरिया,

जा रंग नाची राधारानी जा रंग नाची मीरा,

जा रंग नाच्यो अमीर खुसरो जा रंग नाचो कबीरा,

मोहे रंग दो सांवरिया उसी रंग में,

अपने रंग में रंग लो मोहन हमरो इक इक अंग,

अपनों रंग जो देखन चाहो तो देख लो हमरो अंग,

मोहे रंग दो सांवरिया उसी रंग में,

मुझ विरहन को रंग लगाकर श्याम करो अब श्याम,

श्याम को मीरा कहे जमाना और मीरा को श्याम,

मोहे रंग दो सांवरिया उसी रंग में,

Bhajan by Roopsingh रैकवार

Navjyoti Musical Group Vidisha ंप

Ph 8964983602

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।