प्रीत कर गोविंद से हम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रीत कर गोविंद से हम, दर्द सहते जाएंगे,

फूल चुनने आए थे हम कांटे ही ले जाएंगे,

तुम ही कहते हो तुम्हारा,

सबके दिल में वास है ,

संग रहते हो हमारे, फिर भी दिल क्यों उदास है,

आंखों में आंसू भरे पर मुस्कुराते जाएंगे,

फूल चुनने आए थे हम.....

थक चुकी नजरें हैं मेरी, एक नजर के वास्ते ,

आखरी दम तक तुझे, हम तो निहारे जाएंगे,

फूल चुनने आये थे हम..

कुछ तकल्लुफ हो तुम्हें तो,

पार मत करना मुझे,

तुमको जो आनंद तो हम, डूबते ही जाएंगे,

फूल चुनने आए थे हम..

Bhajan By :::

(धुन - होश वालों को खबर क्या..)

श्रधेय बलराम भाई उदासी

चकरभाठा, बिलासपुर छ. ग.

Mob: 70004-92179..

98271-11399..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।