मेरे कष्ट तू मिटादे दुनिया बनाने वाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे कष्ट तू मिटादे दुनिया बनाने वाले,

ये डोर ज़िंदगी की मेरे श्याम के हवाले,

मेरे कष्ट तू मिटादे दुनिया बनाने वाले,

मेरा न और कोई इस जग में आसरा है,

मुझको तलाश तेरी नैनो में संवारा है,

दर्शन की आरजू है गउये चराने वाले,

मेरे कष्ट तू मिटादे दुनिया बनाने वाले,

दुनिया है मेरी वीरान मझधार में है नइयाँ,

आ जाओ माझी बन कर मेरी नाव के खिवैयाँ,

सांसो में तुम वसे हो दिल में समाने वाले,

मेरे कष्ट तू मिटादे दुनिया बनाने वाले,

जन्नत में भेज चाहे दोजग में भेज तू,

हम तो तेरे दीवाने इक बार देख तू,

हम को नहीं है परवाह मुरली भजाने वाले,

मेरे कष्ट तू मिटादे दुनिया बनाने वाले,

कण कण मे व्याप्त है तू कहता है ये ज़माना,

अब मेरी वारि आई करते हो क्यों बहाना,

मानु गा मैं तो जब ही अपने गले लगा ले

मेरे कष्ट तू मिटादे दुनिया बनाने वाले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।