बेश बदल कर नारी बन कर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बेश बदल कर नारी बन कर चले है तन कर श्याम,

सभी को भा गये है ब्रिज में आ गये है,

ओ राधिका मैं तो दीवाना तेरे नाम का,

झूठा बहाना राधा अब न तेरे किसी काम का,

रूप श्याम का तेर नाम का जानू पता गांव का,

सभी को भा गये है ब्रिज में आ गये है,

बेश बदल कर नारी बन कर चले है तन कर श्याम,

ओह श्याम ने रेशम की झोली बनाई,

नीली गुलाभी पीली चुड़ाइया इस में सजाई,

सुर्खी लगाई डारी छाई सज गये कृष्ण कनाई ब्रिज में आ गये है,

सभी को भा गये है....

राधा पुकारे तुझे सुनो मनिहार की,

चूड़ी पहनादो मुझे रंग रंगीले सरकार की,

बात आर की गज़ब नार की देखि नजर प्यार की ब्रिज में आ गये है सब को भा गये है,

ब्रिज में आ गये है,

सभी को भा गये है....

ओ सांवरे गाता बीजं तेरा गीत है तू ही मेरा राग कान्हा तू ही संगीत है,

तू ही मीत है तू ही प्रीत है तू ही मेरी जीत है ब्रिज में आ गये है,

सभी को भा गये है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।