दीवाना हूँ तेरा कहना

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दीवाना हूँ तेरा कहना, दीवाना हूँ तेरा कहना

मुझे जयादा ना तड़पना,

कभी गोकुल में ढुंढू तुझे, वृन्दावन में ढुंढू तुझे ।

नंदगांव में ढुँढू तुझे, गोवर्धन में ढुँढू तुझे ।

ढूंढ आया मैं बरसाना ॥

दीवाना हूँ तेरा कहना...

हर तरह से तुम्हारे हैं हम, आप मानो ना मनो भले ।

तेरे चरणो में निकलेगा दम, आप मानो ना मने भले ।

तुझे पागल क्यों बेगाना ॥

दीवाना हूँ तेरा कहना...

अब तो करदो दया की नज़र, ठोकरे खा रहा दर बेदर ।

एक तुम्हारे इस दर के सिवा, और दुनिया में ना मेरा घर ।

मुझे दर से ना ठुकराना ॥

दीवाना हूँ तेरा कहना...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।