जी करदा मेरा श्याम जी मैं नच नच

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जी करदा मेरा श्याम जी मैं नच नच खुशी मनावा

पैरा विच पाके घुंघरू मैं जोगन बन जावा

राधे कृष्णा राधे कृष्णा कृष्णा राधे राधे

मसा मसा भागा वाली रात आज आई है

रात आज आई है,रात आज आई है

पूरी मेरी सुखना किती राधा राधा रानी है

किती राधा राधा रानी है,किती राधा राधा रानी है

क्यु ना अपने नाल मैं सब नु आज नचावा

पैरा........

वेडे विच आज मेरे बजन शेनाईया

बजन शेनाईया,बजन शेनाईया

वारि वारि सखिया देन्दीय वधाईयां

देन्दीय वधाईयां,देन्दीय वधाईयां

शहर च लगिया रोन्का दिल दिया रिझा लावा

पैरा.......

श्याम प्यारे आप आये घर मेरे चलके

घर मेरे चलके,घर मेरे चलके

नैना चो अश्रु आन मेरे चल चल के

मेरे चल चल के,मेरे चल चल के

चरन धुल मैं चरना दी चूम चूम मथे लावा

पैरा..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।