मन्दिर में उड्ड रे गुलाल गुलाबी रंग प्यारा लगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मन्दिर में उड्ड रे गुलाल गुलाबी रंग प्यारा लगे

मैया मेरी बिन्दीया वाली

नथ्नी से उड्ड रे गुलाल गुलाबी रंग प्यारा लगे

मन्दिर........

मैया मेरी कंगना वाली

मेहंदी से उड्ड रे गुलाल गुलाबी रंग प्यारा लगे

मन्दिर........

मैया मेरी साड़िया वाली

चुनरी से उड्ड रे गुलाल गुलाबी रंग प्यारा लगे

मन्दिर........

मैया मेरी पायल वाली

बिछूओ से उड्ड रे गुलाल गुलाबी रंग प्यारा लगे

मन्दिर.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।