रतनो माई किस्मत वाली जोगी घर में आये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन बाबा बालक नाथ भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रतनो माई किस्मत वाली जोगी घर में आये,

देवी देवो ने भी देखो फूल आज बरसाये,

माला हो गए खुशाल हो गये,

माता रतनो पे बाबा जी दयाल हो गये,

मेरे जोगी ने है देखो कैसा खेल रचाया,

भारा घड़ियों का है कर्जा बारा साल चुकाया,

गौआँ चार ते रहे बेड़े तार ते रहे,

आवाजा अपने भगता न मार दे रहे,

आया है तू कौन देश दे रतनो माँ मुस्काई ,

प्यारा नाल जो देखा रतनो सारी होश भुलाई,

भाग लगाऊं आ गया रोग मिटाऊं आ गया,

बाबा भगता दे दुखड़े बताउन आ गया,

छोटे छोटे है चरण उस के बड़ा प्यारा लागे,

हाथ में चिमटा बगल में झोली मोर पे नाथ विराजे,

बाबा दुःख हरदा जोगी भाह फड़ दा,

उहनूं वेखि जावा लोको मेरा दिल करदा,

कमल कवी भी महिमा गावे हो गया पार उतारा,

जोगी जी दे नाम का हमको मिल गया सहारा,

जय जय बोल ता सही दुःख फ़ोल ता सही ,

ओहदे चरना च बह के पूरा तोल ता सही,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।