करता तुम्ही और कारण तुम्ही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

करता तुम्ही और कारण तुम्ही,

करते तुम्ही और तारण तुम्ही,

जीवन क्या राज समजा हु मैं समस्या तुम्ही और निवारण तुम्ही,

सब के कारण तुम्ही,

करता तुम्ही और कारण तुम्ही,

जीवन का क्या राज समजा हु मैं समयसा तुम्ही और निवारण तुम्ही,

सब के कारन तुम्ही,

तूने कहा मैं करता रहा मगर जान फिर भी क्यों डरता रहा,

बनता रहा और बिगड़ ता रहा,

खुद में खुदी से अकड़ ता रहा,

कारण तुम्ही और अकारण तुम्ही करते तुह्मीं और तारण तुम्ही,

जीवन का क्या राज समजा हु मैं समयसा तुम्ही और निवारण तुम्ही,

सब के कारन तुम्ही,

अभी तक न समजा ये लगता है क्यों जिधर देखता हु उधर तू ही तू,

सब जान कर के भी पर्दा किया मैं क्या हु नहीं ध्यान इस पर दियां,

उपमा तुम्ही और उदहारण तुम्ही तरते तुम्ही और तारण तुम्ही,

जीवन का क्या राज समजा हु मैं समयसा तुम्ही और निवारण तुम्ही,

सब के कारन तुम्ही,

संसार सावर की तरह हो तुम्ही नीले सावर की सत्ता हो तुम्ही

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।